रसमोहनी में चोरों का आतंक, पुलिस की नाकामी — “चोरी में चोरी”, जैतपुर पुलिस बेबस!
लेखन: देवकांत मिश्रा ✍️
शहडोल (जैतपुर)। जैतपुर पुलिस की लापरवाही ने एक बार फिर उसकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रसमोहनी गांव में 22 सितंबर की रात बस से डीज़ल चोरी की वारदात हुई, जिसका पूरा घटनाक्रम CCTV कैमरे में साफ़-साफ़ दर्ज है, लेकिन घटना को एक महीना बीत जाने के बाद भी चोरों का कोई सुराग नहीं मिला है।
फुटेज में देखा जा सकता है कि Mahindra XUV 300 में सवार कुछ युवक देर रात बस के पास पहुंचे और डीज़ल निकालने की कोशिश करने लगे। इस दौरान ऊपर से बस मालिक ने पूरी वारदात देख ली और गुस्से में गाड़ी पर पत्थर फेंक दिया। पत्थर पड़ते ही चोर घबराकर गाड़ी में बैठे और मौके से भाग निकले। यह पूरा दृश्य वीडियो में साफ़ नजर आता है।
इसके बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सबूत इतने स्पष्ट हैं — चोरों की गाड़ी, चेहरों की झलक और घटना का समय — तब भी कोई ठोस कार्रवाई न होना पुलिस की नाकामी का सबूत है।
लोगों में गुस्सा इसलिए भी है क्योंकि यह कोई पहली चोरी नहीं है। पिछले कुछ सालों से रसमोहनी में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही हैं, कभी घरों में सेंधमारी तो कभी वाहनों से डीज़ल चोरी। बावजूद इसके, पुलिस हर बार केवल औपचारिक जांच तक सीमित रह जाती है।
इस मामले में भी जब बस मालिक ने शिकायत दर्ज कराई, तो पुलिस ने उल्टा उसे यह नसीहत दे दी कि “इतनी महंगी बस रखते हैं तो उसे व्यवस्थित तरीके से खड़ा करें।” पीड़ित को सलाह देने वाली यह मानसिकता अब ग्रामीणों के गुस्से की वजह बन चुकी है।
इतनी बार हुई चोरी, CCTV सबूत और एक महीने से चल रही जांच के बाद भी जैतपुर पुलिस के हाथ खाली हैं — और रसमोहनी में बढ़ती घटनाएं अब लोगों की सुरक्षा पर सवाल छोड़ रही हैं।

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