दिल्ली में लाल किला मेट्रो के पास भीषण धमाका: 13 की मौत, अमित शाह का पहला बयान — “देश की राजधानी पर हमला, दोषी नहीं बचेंगे”
राजधानी दिल्ली सोमवार शाम उस समय दहल उठी जब लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास एक कार में जोरदार धमाका हुआ। घटना इतनी भयावह थी कि आसपास की तीन अन्य कारें भी आग की चपेट में आ गईं। चश्मदीदों के मुताबिक, धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। मौके पर भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने बताया कि “शाम करीब 6:52 बजे एक धीमी गति से चल रही हुंडई i20 कार रेड लाइट पर रुकी, तभी उसमें जबरदस्त विस्फोट हुआ। धमाके में आसपास की गाड़ियों और पैदल चल रहे लोगों को नुकसान पहुंचा।”
उन्होंने बताया कि अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और दो दर्जन से अधिक घायल हैं। गंभीर रूप से घायलों को एलएनजेपी, जीटीबी और राम मनोहर लोहिया अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
धमाके के तुरंत बाद एफएसएल, एनआईए, एनएसजी और दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा मौके पर पहुंची। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि धमाका ‘स्टिकी बम’ या उच्च तीव्रता वाले विस्फोटक पदार्थ से किया गया। गाड़ी के हिस्सों में टाइमर डिवाइस और वायरिंग सिस्टम के निशान मिले हैं, जो इसे एक सुनियोजित आतंकी साजिश की ओर इशारा करते हैं।
गृह मंत्री अमित शाह का पहला बयान:
धमाके की सूचना मिलते ही गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और एनएसजी प्रमुख से बात की और बाद में खुद घटना स्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। शाह ने कहा,
> “यह सिर्फ दिल्ली पर नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा पर हमला है। जो भी इसके पीछे है, उसे किसी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।”
अमित शाह ने मौके से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्थिति की पूरी जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने शाह और खुफिया एजेंसियों को गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद अमित शाह देर रात एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों से उनका हाल जाना। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज में कोई लापरवाही न हो और सभी को सर्वोत्तम चिकित्सा दी जाए। उनके साथ दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह, पुलिस कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री मोदी की संवेदना:
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा –
> “दिल्ली विस्फोट में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रभावित लोगों की सहायता के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।”
फायर ब्रिगेड की कार्रवाई:
दिल्ली अग्निशमन विभाग के डिप्टी चीफ एके मलिक ने बताया कि धमाके के बाद कुल 7 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। करीब 7:30 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन कई वाहन पूरी तरह जल चुके थे। आसपास की दुकानों और खड़ी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की जांच:
एनआईए ने शुरुआती जांच में पाया है कि कार में विस्फोटक पदार्थ दूर से ट्रिगर किए गए टाइमर से सक्रिय हुआ था। धमाके में इस्तेमाल बम स्टिकी बम प्रकार का था, जो हाल के वर्षों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान में इस्तेमाल हुआ है।
हाई अलर्ट घोषित:
घटना के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। रेलवे स्टेशनों, मेट्रो, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चांदनी चौक बाजार को मंगलवार के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
क्या यह आतंकी हमला था?
हालांकि पुलिस ने अभी किसी संगठन का नाम नहीं लिया है, लेकिन शुरुआती इनपुट यह संकेत देते हैं कि यह आतंकी साजिश हो सकती है। खास बात यह है कि घटना से कुछ घंटे पहले ही फरीदाबाद से 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। अब जांच एजेंसियां दोनों मामलों को जोड़कर देख रही हैं।
एनएसए अजित डोभाल और आईबी प्रमुख लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। गृह मंत्रालय ने कहा है कि जांच पूरी होने तक किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
मौके की स्थिति:
विस्फोट स्थल पर देर रात तक पुलिस और बम निरोधक दस्ते की जांच जारी रही। इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने कार के मलबे से विस्फोटक पदार्थ के नमूने इकट्ठा किए हैं।
जनता में दहशत:
स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके के बाद कुछ देर तक पूरा इलाका धुएं से भर गया था। कई लोगों ने कार से निकलने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटों में फंस गए। चश्मदीदों ने कहा कि “धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के घरों की खिड़कियां तक टूट गईं।”
निष्कर्ष:
दिल्ली का यह धमाका सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी है। जांच एजेंसियां अब हर एंगल से पड़ताल कर रही हैं – क्या यह किसी आतंकी संगठन की सुनियोजित साजिश थी या किसी बड़े नेटवर्क की शुरुआती कार्रवाई।
गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा है —
> “देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। चाहे कोई भी हो, कहीं भी छिपा हो, उसे खोज निकाला जाएगा।”

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