Updated On: 11 Nov, 2025

पत्रकारों की समस्याओं को लेकर मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने सौंपा ज्ञापन — पत्रकार सुरक्षा कानून, आवास, पेंशन व टोल टैक्स मुक्त की मांग

शहडोल, 11 नवम्बर 2025।
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन प्रदेश भर के पत्रकारों की बुनियादी समस्याओं, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी मांगों को लेकर दिया गया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकार समाज का वह स्तंभ हैं जो जनता और सरकार के बीच सेतु का कार्य करते हैं, किंतु उनके अधिकारों और सुरक्षा को लेकर अब तक ठोस नीति नहीं बनी है।
✍️ *पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग*
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग “पत्रकार सुरक्षा कानून” को तत्काल लागू करने की रही। संघ ने कहा कि प्रदेश में पत्रकारों पर हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर खतरा मंडरा रहा है। पत्रकारों को खबर कवरेज के दौरान कई बार धमकियां और दबाव झेलना पड़ता है। ऐसे में सुरक्षा कानून लागू कर पत्रकारों को संरक्षित किया जाना आवश्यक है, ताकि वे निर्भीक और निष्पक्ष रूप से जनता की आवाज़ उठा सकें।

🏡 *आवास, पेंशन और बीमा योजना लागू करने की अपील*
पत्रकारों ने ज्ञापन में राज्य सरकार से यह भी आग्रह किया कि पत्रकारों के लिए आवास योजना शीघ्र लागू की जाए। कई पत्रकार वर्षों से किराए के मकानों में रहकर कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन योजना तथा सक्रिय पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा योजना लागू करने की भी मांग रखी गई।
संघ ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक हैं।

💼 *मान्यता, सुविधाएं और टोल टैक्स मुक्त करने की जरूरत*
ज्ञापन में कहा गया कि अनेक पत्रकार वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें शासन की मान्यता नहीं मिल पा रही है। सरकार को पत्रकार मान्यता प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाना चाहिए। साथ ही जिला स्तर पर पत्रकार भवन या प्रेस क्लब की स्थापना की जाए, ताकि पत्रकारों को कार्य करने में सुविधा हो।

*संघ ने ज्ञापन के पांचवें बिंदु में यह भी स्पष्ट रूप से मांग की कि* —

> “प्रदेश में सक्रिय सभी पत्रकारों को टोल टैक्स से मुक्त किया जाए।”
संघ ने कहा कि पत्रकार जनहित से जुड़ी खबरों के लिए लगातार भ्रमण करते हैं। वे सामाजिक मुद्दों को उजागर करने के लिए दूरदराज़ के इलाकों तक पहुंचते हैं, ऐसे में उनसे टोल टैक्स वसूलना उचित नहीं है। पत्रकारों के पास सीमित आर्थिक साधन होते हैं, इसलिए राज्य सरकार उन्हें टोल टैक्स छूट का लाभ दे ताकि वे अपने पेशेवर दायित्वों को सहजता से निभा सकें।
🙏 *मुख्यमंत्री से शीघ्र निर्णय की अपील*

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व में भी पत्रकारों की समस्याओं को लेकर संवेदनशीलता दिखाई थी और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने के संकेत दिए थे। संघ ने मुख्यमंत्री से अपेक्षा जताई कि वे इस बार भी पत्रकारों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे और शीघ्र ठोस निर्णय लेंगे।
✒️ *हस्ताक्षरित ज्ञापन में शामिल रहे प्रमुख पत्रकार और पदाधिकारी*

इस ज्ञापन पर प्रदेश व जिला स्तर के अनेक वरिष्ठ पत्रकारों ने हस्ताक्षर किए। इनमें प्रमुख रूप से —
प्रदेश स्तर पर:
सलभ भदोरिया —प्रांत अध्यक्ष
शरद जोशी —प्रदेश संयोजक ऑनलाइन सदस्यता प्रभारी
शिशुपाल सिंह तोमर —कोषाध्यक्ष
मो. अली संगठन —प्रभारी
दिलीपसिंहभदौरिया— अध्यक्ष/मुख्याल प्रभारी
गिरीश सिंह भदौरिया — अध्यक्ष/मुख्य कार्यकारी प्रभारी
सत्यनारायण वैष्णव— महासचिव
राजकुमार दुबे — उपाध्यक्ष
प्रहलाद सिंह भदौरिया, मनोज गोस्वामी, रिजवान अहमदसिद्दकी — संयोजक
दया प्रसाद, — सह संयोजक
सुनील कुमार त्रिपाठी
सरल भदौरिया
कविता मांढरे— महिला प्रकोष्ठ
गजेंद्र सिंह परिहार — जिलाध्यक्ष, श्रमजीवी पत्रकार संघ शहडोल
अनुराग त्रिपाठी — महासचिव
कृष्णा तिवारी - सह महासचिव


सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो श्रमजीवी पत्रकार संघ प्रदेशभर में आंदोलन करने को बाध्य होगा।
*पत्रकार संघ का संदेश*
संघ ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता पर निर्भर करती है। यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो लोकतंत्र की आवाज़ दब जाएगी।
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने अंत में विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पत्रकारों की समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित निर्णय लेंगे।