खबरटैप’ की टीम पहुंची ग्राम पंचायत — और सामने आया सच जिसने हिला दी नींव!
पत्रकार - देवकांत मिश्रा ✍️✍️✍️
जनपद बुढार - जिला शहडोल।
ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार की नई परत उजागर हुई है। ‘खबरटैप’ की टीम जब वहां पहुंची, तो जो नज़ारा सामने आया, वह चौंकाने वाला था। पंचायत परिसर में बन रहे नवीन भवन के निर्माण में नियमों की खुली अनदेखी की जा रही है। जिस स्थान को विकास और पारदर्शिता का प्रतीक होना चाहिए था, वहीं अब लापरवाही और भ्रष्टाचार की नई इबारत लिखी जा रही है।
पंचायत परिसर में चल रहे इस नवीन भवन के निर्माण में न तो कोई मजबूत नींव डाली गई है, न ही गुणवत्ता का ध्यान रखा गया है। नीचे की मिट्टी पर केवल रेत डाल दी गई ताकि दूर से लगे कि नींव तैयार है। सच्चाई यह है कि जिस जमीन पर यह भवन खड़ा किया जा रहा है, वह खुद अस्थिर है। रेत की इस परत के नीचे दबी है ईमानदारी, जिम्मेदारी और जनता के विश्वास की नींव।
निर्माण में घटिया सामग्री का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। जहां 12 से 16 एमएम की सरिया लगनी चाहिए थी, वहां पतली सरिया डाल दी गई। सीमेंट का मिश्रण इतना कमजोर है कि उंगलियों से मसलने पर टूट जाता है। ईंटें इतनी कमजोर हैं कि हल्का झटका लगते ही बिखर जाती हैं। यह सब देखकर साफ लगता है कि नवीन भवन का निर्माण सिर्फ फाइलों में मजबूत है, जमीन पर नहीं।
सरकार ने पंचायत के इस नवीन भवन निर्माण के लिए लाखों रुपये की राशि स्वीकृत की थी, ताकि ग्रामीणों को एक टिकाऊ और सुरक्षित भवन मिल सके। लेकिन जो काम हो रहा है, वह जनता के टैक्स के पैसों की खुली बर्बादी है। जिस भवन को विकास का प्रतीक बनना था, वह अब भ्रष्टाचार का स्मारक बनता जा रहा है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब पंचायत के सरपंच और सचिव इस निर्माण के सीधे जिम्मेदार हैं, तो वे आखिर आंखें मूंदे क्यों बैठे हैं? क्या यह चुप्पी किसी मिलीभगत की निशानी है? या फिर पंचायत परिसर में ही जनता के भरोसे की नींव हिला दी गई है?
भरुहा पंचायत में पहले भी सड़क निर्माण में गड़बड़ियों की खबरें सामने आ चुकी हैं, और अब पंचायत परिसर में नवीन भवन के निर्माण में खुला भ्रष्टाचार यह दिखाता है कि विकास सिर्फ कागजों में सीमित रह गया है। नीचे मिट्टी और ऊपर रेत — यही इस निर्माण की पूरी कहानी है।
ग्रामीणों के वर्षों के इंतजार, मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेरते हुए यह नवीन पंचायत भवन ईमानदारी की कब्रगाह बन चुका है। यह भवन जब पूरा होगा, तो दीवारें जरूर खड़ी होंगी, लेकिन उनमें झंकारेगा भ्रष्टाचार का सच और लापरवाही की गूंज।
‘खबरटैप’ की टीम के पहुंचने पर सामने आया यह खुलासा बताता है कि भरुहा पंचायत में विकास नहीं, बल्कि धांधली का ढांचा खड़ा किया जा रहा है। मिट्टी पर रेत डालकर बनाई जा रही यह इमारत आने वाले समय में सिर्फ दीवारों में दरार नहीं लाएगी, बल्कि व्यवस्था की जड़ों को भी हिला देगी।
भरुहा पंचायत परिसर में नवीन भवन के निर्माण के नाम पर जनता के टैक्स का पैसा बर्बाद किया जा रहा है। यह भवन मजबूती की नहीं, मिलीभगत की मिसाल बन चुका है। जब तक ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक हर पंचायत में विकास के नाम पर ईमानदारी की नींव इसी तरह रेत में मिलती रहेगी। सवाल अब यही है — कब तक जनता के विश्वास को इस तरह मिट्टी में दफन किया जाएगा?

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