शराब के नशे में अभद्रता के आरोप — जैतपुर स्वास्थ्य केंद्र का डॉक्टर विवादों में
पत्रकार - सूर्य प्रकाश पाण्डेय✍️✍️
जैतपुर --शहडोल (मध्यप्रदेश)
डॉक्टर पर शराब के नशे में ड्यूटी पर आने के आरोप
ग्रामीणों और अस्पताल कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि जैतपुर स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर अक्सर ड्यूटी के समय शराब के नशे में पहुँचता है। इसके कारण मरीजों का उपचार प्रभावित होता है और अस्पताल की कार्यप्रणाली बाधित रहती है। लोगों का कहना है कि नशे की स्थिति में डॉक्टर का निर्णय क्षमता पर असर पड़ता है, जिससे गंभीर मरीजों को जोखिम बढ़ जाता है।
👉 मरीजों से अभद्रता और अमर्यादित भाषा का उपयोग
मरीजों ने शिकायत की है कि डॉक्टर साधारण सवाल पूछने पर भी अशोभनीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करता है। कई मरीजों ने बताया कि नशे की हालत में डॉक्टर रोगियों को डाँट देता है, अपमानित करता है और कई बार जांच करने से भी इनकार कर देता है। इससे मरीजों में भय और निराशा की स्थिति पैदा हो रही है।
👉अस्पताल कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और कार्यस्थल में तनाव
अस्पताल में कार्यरत स्टाफ ने बताया कि डॉक्टर का रवैया लगातार असहयोगी और आक्रामक होता जा रहा है। नर्सों और अन्य कर्मचारियों का कहना है कि डॉक्टर नशे में गाली-गलौज करता है, गलत आरोप लगाता है और बिना कारण हड़काता है। इससे अस्पताल के अंदर काम का माहौल तनावपूर्ण हो चुका है और कर्मचारी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
👉राजनीतिक संबंध बताकर ग्रामीणों पर दबाव बनाने के आरोप
कई शिकायतकर्ताओं ने कहा कि डॉक्टर खुद को जैतपुर विधायक से जुड़ा हुआ बताते हुए ग्रामीणों को डराने-धमकाने की कोशिश करता है। लोगों का कहना है कि डॉक्टर राजनीतिक संबंधों का हवाला देकर अनुचित व्यवहार को सही ठहराने का प्रयास करता है। इससे ग्रामीण खुलकर शिकायत करने से हिचकते हैं और मामला लंबे समय से दबा रह रहा था।
👉मरीजों का इलाज प्रभावित, लोगों को दूसरे अस्पतालों का सहारा
इलाज की लापरवाही और डॉक्टर की अभद्रता के कारण कई मरीज मजबूरी में नज़दीकी कस्बों या जिला अस्पताल का रुख कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गर्भवती महिलाएँ, बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। नशे की हालत में डॉक्टर द्वारा सही जांच न करने से कई मामलों में जोखिम बढ़ जाता है।
👉ग्रामीणों और कर्मचारियों में भारी नाराज़गी, कार्रवाई की मांग तेज़
ग्रामीणों ने कहा कि डॉक्टर के इस व्यवहार ने स्वास्थ्य केंद्र की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया है। लगातार बढ़ती शिकायतों से लोगों में आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि अब प्रशासन को हस्तक्षेप कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि स्वास्थ्य केंद्र में शालीनता और अनुशासन बहाल हो सके।
👉स्वास्थ्य विभाग तक पहुँची शिकायतें, जांच की मांग उभरकर सामने
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर के खिलाफ की गई शिकायतें जिला स्वास्थ्य विभाग तक पहुँच चुकी हैं। ग्रामीणों ने विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की है। कर्मचारियों ने भी कहा कि डॉक्टर के व्यवहार की वस्तुस्थिति की जांच जरूरी है, क्योंकि यह सरकारी सेवा आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन है।
👉ग्रामीणों का चेतावनी—कार्रवाई न हुई तो सौंपेंगे ज्ञापन
ग्रामीणों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सामूहिक रूप से कलेक्टर सहित उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे। उनका कहना है कि गांव की स्वास्थ्य सेवा किसी व्यक्ति की मनमानी के कारण प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
👉स्वास्थ्य केंद्र में अनुशासन और सेवा भावना बहाल करने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र उनके लिए जीवन रेखा है। ऐसे में किसी भी कर्मचारी का गैरजिम्मेदाराना रवैया अस्वीकार्य है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर अस्पताल में अनुशासन, शांति और गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करेगा।

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