Updated On: 22 Nov, 2025

भरुहा पंचायत में उड़ता नियम-कायदा: सामग्री नदारद, गुणवत्ता फेल — इंजीनियर जवाब देने से भागे

रिपोर्टर — देवकांत मिश्रा | खबरटैप एक्सक्लूसिव

भरुहा पंचायत, जनपद बुढार—
ग्रामीण विकास के नाम पर चल रहा एक बड़ा खेल आखिरकार उजागर हो गया है। भरुहा पंचायत में निर्माणाधीन नवीन भवन की हकीकत जानने जब खबरटैप की टीम मौके पर पहुंची, तो जो सच सामने आया उसने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी। यह सिर्फ घटिया निर्माण नहीं—यह योजनाबद्ध ठगी है, जिसे रेत से ढककर छुपाया जा रहा था।

रेत हटते ही खुल गई ‘बिना नींव की हकीकत’
जमीन से रेत हटाते ही जो सामने आया, उसने अधिकारियों की “गुणवत्ता” की कहानी को पूरी तरह झुठला दिया।

नीचे किसी भी प्रकार की नींव नहीं
कोई बेस लेयर नहीं
कोई कंक्रीट की मजबूती नहीं
सिर्फ मिट्टी, और उसके ऊपर रखे कुछ ईंट-पत्थर—जिसका उद्देश्य निर्माण से ज्यादा घोटाले को छुपाना था।

ईंटों की कच्ची मजबूती और सीमेंट की हल्की क्वालिटी ने यह साफ कर दिया कि यह भवन भविष्य में खड़े होने लायक भी नहीं है।

सरपंच–सचिव की चुप्पी और अबतक का सबसे अहम सवाल

पंचायत के जिम्मेदारों से इस धांधली पर बात करनी चाही, लेकिन जवाब शून्य।
सरपंच और सचिव दोनों ही इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।

लेकिन सबसे बड़ा संकेत किसी और के व्यवहार में छिपा था-

📞 इंजीनियर पर जब सवाल उठा — उन्होंने फोन उठाना ही बंद कर दिया

जब खबरटैप ने इस निर्माण कार्य में लगे पंचायत इंजीनियर से संपर्क करना चाहा, तो स्थिति और भी स्पष्ट हो गई:

उन्होंने लगातार फोन नहीं उठाया।
कई कॉल करने के बावजूद एक भी बार रिसीव नहीं किया।
साफ दिखा कि वे जवाब देने से बच रहे हैं।

इस तरह सवालों से भागना यह बताता है कि जिम्मेदारी के पद पर बैठे व्यक्ति भी इस काम को लेकर सहज नहीं हैं।
अगर सब कुछ नियमों के अनुसार होता—तो जवाब देने में डर कैसा?

भरुहा पंचायत: विकास के नाम पर एक और दाग

यह पहला विवाद नहीं है। भरुहा पंचायत पर पहले भी सड़क निर्माण में गड़बड़ी के आरोप लगे थे।
अब पंचायत भवन की यह “बिना नींव की इमारत” एक बार फिर साबित करती है कि कागज़ पर विकास और जमीन पर घोटाला—यही यहाँ की असल तस्वीर है।

यह भवन नहीं… जनता के भरोसे पर ‘निर्माणाधीन वार’ है

जो ढांचा खड़ा किया जा रहा है, वह टिकाऊ भवन नहीं बल्कि:

ग्रामीणों की उम्मीदों
सरकार के फंड
और जनता के टैक्स
—तीनों पर खुला हमला है।

भवन की दीवारों में ईंटें कम और भ्रष्टाचार ज्यादा भरा गया है।
यह बनते-बनते टूटने की तैयारी में खड़ा ढांचा है।
वीडियो सबूत: अब भ्रष्टाचार छिपेगा नहीं

खबरटैप की रिकॉर्डिंग में सब कुछ दर्ज है—
नींव गायब।
गुणवत्ता गायब।
और सिस्टम की ईमानदारी भी गायब।

यह मामला सिर्फ एक निर्माण की खामी नहीं, बल्कि उस सिस्टम की पोल है जो कागज़ पर मजबूत है और जमीन पर मिट्टी की तरह बिखर जाता है।