Updated On: 26 Nov, 2025

शहडोल स्टेशन में दर्दनाक हादसा: बॉटल क्रशिंग मशीन में फंसा युवक का हाथ, 3 घंटे चला रेस्क्यू… डॉक्टरों ने पंजा काटकर बचाई जान

Shahdol News: मध्यप्रदेश के शहडोल रेलवे स्टेशन पर सोमवार देर रात ऐसा हादसा हुआ जिसने वहां मौजूद यात्रियों को दहला दिया। प्लेटफार्म नंबर-1 पर लगी प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीन में एक युवक का हाथ अचानक फंस गया। कुछ ही सेकंड में मशीन ने हाथ को इतनी बुरी तरह कुचल दिया कि युवक की चीखें सुनकर स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।

कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, सौरभ उर्फ सत्यम गुप्ता (25), निवासी गोवर्धे मानपुर उमरिया, रात करीब 1 बजे रीवा–चिरमिरी पैसेंजर ट्रेन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान वह हाथ में खाली पानी की बॉटल लेकर क्रशिंग मशीन की ओर गया। बॉटल डालते समय उसने गलती से हाथ भी मशीन में डाल दिया।

मशीन चालू थी और कुछ ही पलों में हाथ अंदर खिंचता चला गया। युवक नशे की हालत में था, जिसके चलते शुरुआत में उसे दर्द का एहसास भी नहीं हुआ। जब तक उसे होश आया, तब तक हाथ बुरी तरह पिस चुका था।

आरपीएफ ने तुरंत बचाव शुरू किया, लेकिन हाथ नहीं निकल पाया
युवक की चीखें सुनकर आरपीएफ जवान मौके पर दौड़े। मशीन तुरंत बंद की गई, लेकिन हाथ इतना अंदर फंस चुका था कि खींचकर निकालना असंभव था। आरपीएफ ने तुरंत रेलवे के तकनीकी विभाग को सूचना दी और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

3 घंटे तक कटर से मशीन काटी गई, तब जाकर हाथ निकला
करीब 3 घंटे तक इंजीनियरों की टीम क्रशिंग मशीन को सावधानी से काटती रही। थोड़ी-सी गलती युवक के हाथ को और नुकसान पहुंचा सकती थी, इसलिए पूरी प्रक्रिया बेहद तनावपूर्ण रही। आखिरकार मशीन का एक हिस्सा काटकर युवक का हाथ बाहर निकाला गया।

मौके पर जीआरपी, रेलवे अधिकारी और मेडिकल टीम भी पहुंच गई थी। इस बीच युवक की बहन भी स्टेशन पर पहुंचकर बदहवास हालत में खड़ी थी।

डॉक्टरों ने बचाई जान, लेकिन पंजा काटना पड़ा
गंभीर हालत में युवक को फौरन मेडिकल कॉलेज शहडोल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच में बताया कि हाथ का पंजा पूरी तरह कुचल चुका है और संक्रमण फैलने का खतरा था। जनहित में निर्णय लेते हुए डॉक्टरों ने हाथ का पंजा काटकर सर्जरी की, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी।

युवक की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

आरपीएफ ने दी जानकारी
शहडोल आरपीएफ प्रभारी वीके तिवारी ने बताया कि युवक नशे की हालत में था और उसे मशीन में हाथ डालने के खतरे का अंदाजा नहीं था। घटना रात 1 बजे की है। मशीन पर चेतावनी बोर्ड होने के बावजूद लोग लापरवाही करते हैं, जिस पर अब सख्त कदम उठाने होंगे।

सुरक्षा पर उठे सवाल
स्टेशन पर लगातार बढ़ रही भीड़ के बीच बॉटल क्रशिंग मशीनों के पास सुरक्षा इंतजाम कितने पुख्ता हैं, यह बड़ा सवाल बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मशीन के आसपास गाइडेंस बोर्ड स्पष्ट नहीं दिखते और रात में पर्याप्त रोशनी भी नहीं रहती।