Updated On: 29 Nov, 2025

IAS संतोष वर्मा मुर्दाबाद के नारों से गूंजा जैतपुर, नागरिकों ने पुतला दहन कर जताई आपत्ति

जैतपुर।
मध्यप्रदेश के अंतिम छोर जैतपुर में शनिवार को नागरिकों व सामाजिक प्रतिनिधियों ने IAS संतोष वर्मा के कथित विवादित बयान के विरोध में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कस्बे के मुख्य चौक पर अधिकारी का पुतला दहन करते हुए “IAS संतोष वर्मा मुर्दाबाद” के नारे लगाए और प्रतीकात्मक तरीके से अपनी नाराजगी व्यक्त की। पूरा कार्यक्रम सामान्य रहा तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति नहीं बनी।

विवादित टिप्पणी के खिलाफ दर्ज हुआ विरोध

स्थानीय लोगों के अनुसार, IAS संतोष वर्मा द्वारा एक ब्राह्मण बेटी को लेकर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की गई थी, जिसने समाज में असंतोष का माहौल पैदा कर दिया। घटना की जानकारी जैसे ही आसपास के क्षेत्रों में फैली, समाज के लोगों ने इसे एक बेटी के सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिम्मेदार पद पर बैठे किसी भी अधिकारी के लिए इस प्रकार की टिप्पणी अनुचित मानी जाती है, इसलिए इसका शांतिपूर्वक विरोध आवश्यक था।

शांतिपूर्वक जुटे लोग, चौराहे पर पुतला दहन

सुबह से ही कस्बे में लोगों का इकट्ठा होना शुरू हो गया था। दोपहर करीब 1 बजे सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और स्थानीय प्रतिनिधि पुतले के साथ मुख्य चौक की ओर रवाना हुए। शांतिपूर्ण मार्च के दौरान “अपमान का जवाब विरोध”, “IAS संतोष वर्मा मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए गए। निर्धारित स्थान पर पहुंचकर पुतले का दहन किया गया, जिसके बाद लोगों ने बयान को लेकर अपनी नाराजगी रखी।

वक्ताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी राजनीतिक या व्यक्तिगत टकराव का हिस्सा नहीं है, बल्कि समाज की भावनाओं और सम्मान के मुद्दे का प्रतिनिधित्व करता है। उनका कहना था कि एक बेटी के सम्मान को लेकर किसी भी संदेह या विवाद पर आवाज उठाना स्वाभाविक है और इसी उद्देश्य से नागरिक एकत्र हुए।

प्रदर्शन पूरी तरह शांत, प्रशासन तैनात रहा सक्रिय

कार्यक्रम के दौरान प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। पुलिस बल की तैनाती पहले से की गई थी ताकि भीड़ व्यवस्थित रहे और किसी प्रकार की अनहोनी की संभावना न रहे। हालांकि प्रदर्शन में कहीं भी नगर व्यवस्था को लेकर कोई चुनौती नहीं उत्पन्न हुई और पुलिस को किसी तरह के हस्तक्षेप की आवश्यकता भी नहीं पड़ी। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे और प्रदर्शन समाप्त होने तक सुरक्षा व्यवस्था सामान्य रही।

प्रदर्शनकारियों ने रखीं अपनी अपेक्षाएँ

शांतिपूर्ण विरोध के दौरान लोगों ने कुछ प्रमुख अपेक्षाएँ भी रखीं, जिनमें शामिल

थाना प्रभारी को सौंपा गया ज्ञापन

प्रदर्शन समाप्त होने के बाद सामाजिक प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों और विरोध दर्ज करते हुए लिखित ज्ञापन थाना प्रभारी को सौंपा। ज्ञापन में विवादित बयान की जांच और मामले में स्पष्टता लाने की मांग रखी गई। थाना प्रभारी ने ज्ञापन प्राप्त कर इसे उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

शांति के साथ समाप्त हुआ प्रदर्शन

करीब डेढ़ घंटे चले कार्यक्रम के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हुआ। लोगों ने कहा कि उनकी मंशा केवल बयान पर आपत्ति जताने की थी, और जिस अनुशासित तरीके से यह प्रदर्शन सम्पन्न हुआ है, वह नागरिक जागरूकता का उदाहरण प्रस्तुत करता है।