पटरी पर मिला बाघ का शव, फॉरेस्ट विभाग ने उठाया कड़ा कदम — दोषी ट्रेन की जब्ती पर अड़ा, रेलवे से तनातनी तेज
भोपाल:
मध्य प्रदेश में एक और बाघ मौत का शिकार… और इस बार वजह बनी तेज रफ्तार ट्रेन!
बरखेड़ा–बुधनी रेल सेक्शन पर मंगलवार रात एक वयस्क नर बाघ की ट्रेन से टक्कर में मौत हो गई। बुधवार तड़के ट्रैक के मोड़ पर पड़ा शव मिला—यह वही ‘ब्लैक स्पॉट’ है जो पहले भी कई वन्यजीवों की कब्रगाह बन चुका है।
47 बाघों की मौत का दर्दनाक आंकड़ा
इस एक घटना के साथ ही एमपी में 2025 के दौरान बाघों की मौत का आंकड़ा 47 पहुंच गया है—देश में सबसे ज़्यादा।
फॉरेस्ट vs रेलवे: टकराव बढ़ा
बाघ की मौत के बाद वन विभाग सख्त हो गया है।
अधिकारियों का कहना है कि—
“जिस ट्रेन ने बाघ को मारा, उसे जब्त किया जाएगा।”
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किस ट्रेन ने टक्कर मारी, लेकिन पहचान के प्रयास तेज़ हैं। विभाग असम में हुए केस का उदाहरण देते हुए वहीं जैसी कार्रवाई की तैयारी में है।
रेलवे अधिकारी इस पर असहज हैं और दोनों विभागों के बीच तनाव बढ़ गया है।
जहां मिला शव, वहीं हर बार मौत
बरखेड़ा के पास का ट्रैक रातापानी टाइगर रिज़र्व से गुजरता है। यही इलाका पिछले दशक में 18 से ज्यादा बाघ–तेंदुए मौतों का गवाह रहा है।
जुलाई 2024 में भी इसी लाइन पर ट्रेन ने 3 बाघ शावकों को मारा था—एक की मौत हो गई थी।
सर्वे के दौरान बाघ की मौत
घटना उस समय हुई जब देशभर में ऑल-इंडिया टाइगर एस्टिमेशन 2026 का सर्वे चल रहा है।
मुख्य वन्यजीव वार्डन शुभ्रंजन सेन ने बताया कि—
“उस रात कई ट्रेनों ने इस रूट को क्रॉस किया था, अभी जांच जारी है कि किस ट्रेन ने बाघ को टक्कर मारी।”

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