ख़बर TAP की रिपोर्ट का असर: नींद से जागा वन विभाग, देर रात फिर दिखा भालू, कार्रवाई पर उठे सवाल
ख़बर TAP में भालू की सक्रियता को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद आखिरकार वन विभाग की नींद खुली। विभागीय लापरवाही पर सवाल उठने के बाद रसमोहनी क्षेत्र में वन विभाग की टीम सक्रिय तो नजर आई, लेकिन हालात अब भी पूरी तरह काबू में नहीं हैं।
सूत्रों के अनुसार, बीते कई दिनों से रसमोहनी इलाके में रात करीब 9 बजे के बाद भालू का अड्डा बना हुआ था। भालू की लगातार मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि डर के कारण लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते हैं, जबकि खेतों और जंगल की ओर जाना खतरे से खाली नहीं है।
ख़बर TAP में मामला उजागर होने के बाद DFO के निर्देश पर वन विभाग की टीम गश्त पर उतरी, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब भालू की गतिविधि कई दिनों से जारी थी, तब विभाग पहले क्यों नहीं जागा?
इसी बीच ताजा अपडेट में आज रात करीब 11 बजे एक बार फिर रसमोहनी बाजार में भालू देखे जाने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भालू को घनी आबादी के बीच से खदेड़ते हुए तालाब की ओर भेज दिया। इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिली।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि मीडिया इस गंभीर मुद्दे को सामने नहीं लाता, तो शायद वन विभाग अब भी आंख मूंदे बैठा रहता। लोगों का यह भी कहना है कि भालू को सुरक्षित जंगल की ओर ले जाने के बजाय आबादी की दिशा में खदेड़ना खतरे को और बढ़ा सकता है।
वहीं, वन विभाग की ओर से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और स्थिति पर नजर रखने की बात कही जा रही है। अब देखना यह होगा कि यह कार्रवाई केवल ख़बर के दबाव में की गई औपचारिकता बनकर रह जाती है या वन विभाग स्थायी समाधान निकालकर रसमोहनी के ग्रामीणों को भयमुक्त वातावरण देता है।
फिलहाल, रसमोहनी के लोग अब भी दहशत और उम्मीद के बीच जी रहे हैं।

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