Updated On: 11 Jan, 2026

कौन है ‘डाबरिया’? अकेला नाम, पूरा सिस्टम बंधक

कौन है “डाबरिया”?
जिसे न कानून का डर, न प्रशासन की परवाह — विधायक से दूरी के बाद भी खुलेआम वसूली का खेल!**
शहडोल।
इलाके में अगर आज कोई नाम खौफ, दबाव और दादागिरी का पर्याय बन चुका है, तो वह है—“डाबरिया”।
सवाल सीधा है—आख़िर इस आदमी को इतना हौसला कौन दे रहा है?
सूत्रों के अनुसार, डाबरिया खुद को “विधायक से अलग” बताता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि उसी सांस में वह कई विभागों में अपनी सीधी पकड़ और राजनीतिक सेटिंग का ढोल पीटता फिरता है। यानी दूरी भी है और रसूख भी—ये कैसा खेल है?
विभागों के नाम लेकर धमकी, वसूली के आरोप
स्थानीय लोगों और सूत्रों का दावा है कि डाबरिया—
अधिकारियों के नाम लेकर काम रुकवाने–चलवाने की धमकी देता है
“ऊपर तक बात है” कहकर डर का माहौल बनाता है
और कथित तौर पर पैसे की मांग करता है
यह अब सिर्फ कानाफूसी नहीं रही। सवाल उठ रहा है—
👉 अगर यह सब झूठ है, तो प्रशासन चुप क्यों?
👉 और अगर सच है, तो कार्रवाई क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल: संरक्षण किसका?
अगर विधायक से दूरी है, तो फिर
❓ कौन सा राजनीतिक हाथ सिर पर है?
❓ कौन से विभागों की आड़ में खुलेआम दबाव बनाया जा रहा है?
❓ क्या सिस्टम इतना कमजोर है कि एक नाम से कांपने लगे?
अब छुपेगा नहीं सच!
सूत्रों का दावा है कि अगली खबर में
🔥 रिकॉर्डिंग
🔥 वायरल वीडियो
🔥 सीधे सौदे और रसूख का दावा करती बातचीत
सार्वजनिक की जाएगी, जिसमें डाबरिया खुद अपनी पहुंच और दबाव की बातें करता सुना जा सकता है।
अगर ये सबूत सामने आते हैं, तो मामला सिर्फ खबर नहीं रहेगा—
प्रशासन की चुप्पी, नेताओं की खामोशी और सिस्टम की सच्चाई सब नंगी हो जाएगी।
अब फैसला प्रशासन को करना है—
डाबरिया पर कार्रवाई होगी,
या फिर यह संदेश दिया जाएगा कि यहाँ दबंगई ही कानून है?

नोट: सभी विभाग व कर्मचारी सतर्क रहे
सूत्रों से पता चला है किसी भी विधायक से कोई संबंध नहीं

📱📱जब हमारी टीम विधायक जी को फोन लगा कर जानकारी लेनी चाही तो किसी कारण बस विधायक जी का फोन नहीं उठ पाया