रेलवे ट्रैक पर ड्यूटी निभाते भूतपूर्व सैनिक पर हमला, मानवता और व्यवस्था दोनों शर्मसार
रिपोर्टर - पं.कृष्णा मिश्रा (शहडोल)
शहडोल।
रेलवे की सुरक्षा और सुचारु संचालन में जुटे एक वरिष्ठ रेलवे कर्मचारी पर शहडोल में ड्यूटी के दौरान जानलेवा हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने न केवल रेलवे विभाग को, बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूतपूर्व सैनिक एवं वर्तमान में रेलवे में TM-3 पद पर कार्यरत प्रहलाद शर्मा (उम्र लगभग 57–58 वर्ष) रेलवे इंजीनियरिंग डिपो, शहडोल में रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात थे। 15–16 जनवरी 2026 की दरम्यानी रात लगभग 2:30 से 3:00 बजे के बीच दो अज्ञात बदमाश डिपो परिसर के पास पहुंचे। पहले गाली-गलौज की गई और फिर अचानक उन्हें जमीन पर पटक कर आंख, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर बेरहमी से हमला किया गया।
हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल प्रहलाद शर्मा को तत्काल देवांता हॉस्पिटल, शहडोल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए ICU में भर्ती किया। चिकित्सकीय रिपोर्ट में गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है।
घटना की सूचना पर थाना कोतवाली शहडोल में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल आरोपी अज्ञात हैं और उनकी तलाश के लिए CCTV फुटेज, कॉल डिटेल्स और रेलवे परिसर में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
यह घटना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि रेलवे जैसी संवेदनशील व्यवस्था की सुरक्षा पर सीधा सवाल है। जिस उम्र में व्यक्ति विश्राम की अपेक्षा करता है, उस उम्र में भी एक भूतपूर्व सैनिक रात के अंधेरे में रेलवे की जिम्मेदारी निभा रहा था। बदले में उसे हिंसा और असुरक्षा का सामना करना पड़ा।
घटना के बाद रेलवे कर्मचारी संगठनों में गहरा रोष है। कर्मचारियों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और रेलवे परिसरों में स्थायी एवं प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
यह मामला एक बड़ा सवाल छोड़ जाता है—
क्या रेलवे कर्मचारियों की रात की ड्यूटी सुरक्षित है?
और कब तक देश की सेवा करने वाले कर्मयोगी ऐसे हालात झेलते रहेंगे?

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