Updated On: 28 Feb, 2026

जैतपुर तहसील बना दलालों का अड्डा: दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक वसूली का खेल, जल्द होगा बड़ा पर्दाफाश!

जैतपुर (जिला शहडोल) – कभी आम जनता को न्याय दिलाने और राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए पहचानी जाने वाली जैतपुर तहसील इन दिनों गंभीर आरोपों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तहसील कार्यालय अब “दलालों का अड्डा” बन चुका है, जहां बिना लेन-देन के कोई भी फाइल आगे नहीं बढ़ती।
सूत्रों के अनुसार नामांतरण, सीमांकन, खसरा नकल, बंटवारा, न्यायालयीन प्रकरण और लोक सेवा गारंटी के आवेदन तक में खुलेआम पैसों की मांग की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह खेल सिर्फ दिन में ही नहीं, बल्कि रात के अंधेरे तक जारी रहता है।
❗ “बिना सेटिंग नहीं होगी एंट्री”
आरोप है कि तहसील परिसर के आसपास सक्रिय कुछ बिचौलिए पहले ही आवेदक को घेर लेते हैं और दावा करते हैं कि “बिना सेटिंग” कोई काम संभव नहीं। गरीब, किसान और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा परेशान बताए जा रहे हैं।
💰 कियोस्क खातों में लेन-देन?
कुछ शिकायतों में यह भी सामने आया है कि रकम सीधे हाथ में लेने के बजाय अलग-अलग माध्यमों से जमा करवाई जाती है, ताकि सीधा सबूत न बचे। यदि यह सच है तो यह गंभीर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला बनता है।
📂 प्रशासन मौन क्यों?
जनता सवाल कर रही है कि क्या उच्च अधिकारी इस पूरे खेल से अनजान हैं? या फिर शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही?
🔍 जल्द होगा खुलासा
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ दस्तावेजी सबूत जुटाए जा रहे हैं। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो यह मामला जिला प्रशासन से लेकर उच्च स्तर तक गूंज सकता है।
जनता की मांग:
तहसील परिसर में दलालों पर प्रतिबंध
सीसीटीवी निगरानी की जांच
लंबित प्रकरणों की स्वतंत्र जांच
शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखते हुए कार्रवाई
अगर आपके पास भी इस मामले से जुड़े प्रमाण, रसीद, ऑडियो/वीडियो या दस्तावेज हैं, तो उन्हें सुरक्षित रखें — जल्द ही सच सामने लाने की तैयारी है।