Updated On: 18 Mar, 2026

जैतपुर में भू-माफियाओं का जाल, तहसील कार्यालय के सामने अवैध प्लाटिंग का बड़ा खेल प्रदीप पर मास्टरमाइंड होने के आरोप, कई अन्य भू-माफिया भी सक्रिय—प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल

📍 जैतपुर (जिला शहडोल)।
जैतपुर तहसील क्षेत्र इन दिनों अवैध प्लाटिंग और भू-माफियाओं की गतिविधियों को लेकर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि तहसील कार्यालय के ठीक सामने ही जमीनों की अवैध कटिंग कर प्लॉट बेचे जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों और क्षेत्रवासियों के अनुसार, इस पूरे अवैध कारोबार का संचालन प्रदीप नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है, जिसे इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। आरोप है कि प्रदीप बिना किसी वैधानिक अनुमति के कृषि भूमि को छोटे-छोटे प्लॉट में विभाजित कर बेच रहा है। इतना ही नहीं, इस कार्य में कई अन्य भू-माफिया भी उसके साथ सक्रिय हैं, जो मिलकर इस अवैध कारोबार को बड़े पैमाने पर चला रहे हैं।
तहसील कार्यालय के सामने इस प्रकार की गतिविधियों का खुलेआम संचालन होना प्रशासन की निष्क्रियता या मिलीभगत की ओर इशारा करता है। आम नागरिकों का कहना है कि जब प्रशासनिक व्यवस्था के केंद्र के सामने ही कानून का उल्लंघन हो रहा है, तो दूर-दराज के क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
⚠️ नियमों की अनदेखी और राजस्व का नुकसान
जानकारों का कहना है कि अवैध प्लाटिंग के इस खेल में न केवल भूमि संबंधी नियमों की अनदेखी की जा रही है, बल्कि शासन को भारी राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। बिना अनुमति के जमीनों की रजिस्ट्री और प्लॉटिंग से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। साथ ही, भविष्य में इन प्लॉट्स को खरीदने वाले लोगों को भी कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
👥 स्थानीय नागरिकों वा आस पास के लोगों का कहना है कि प्रदीप इस समय जैतपुर क्षेत्र का सबसे बड़ा भू माफिया है और प्रशासन को भी पता है इसके के बावजूद प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
क्षेत्र के कई लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अवैध प्लाटिंग के लिए बड़े स्तर पर पैसों का लेन-देन हो रहा है और इसमें कई प्रभावशाली लोगों की भी भूमिका हो सकती है। यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

📢 *सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि राजस्व की कार्यालय तहसील कार्यालय के समाने प्लाटिंग का खेल जारी है*
जमीन खरीद फरोख्त काम धड़ल्ले से जारी है जिसको देखो वही भू माफिया (प्रॉपर्टी डीलर) बने घूम रहा और दुगनी तीन गुनी कीमत लगता और बेचता है जैतपुर में भू माफिया ज्यादा सक्रिय जल्द ही खुलाशा और नामो का भी
अब इस मामले में प्रशासन को निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

*शहडोल में पूर्व में रहे पुलिस अधीक्षक अवधेश गोस्वामी की कार्यवाही से भू माफियाओं का कमर टूट गया था वही कार्यवाही की अत्यंत आवश्यकता है शहडोल जैतपुर को*

📝 *प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती*

जैतपुर में अवैध प्लाटिंग का यह बढ़ता हुआ कारोबार प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है। इससे न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि आम जनता का प्रशासन पर से भरोसा भी कम हो सकता है।

🔚 *अखरी में देखना ये है कि प्रशासन कार्यवाही करती है या भू माफिया को ऐसे ही छोड़ देगी ??*

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर समय रहते सख्त कदम उठाएगा या फिर भू-माफियाओं का यह नेटवर्क यूं ही फलता-फूलता रहेगा। जनता को अब ठोस कार्रवाई का इंतजार है, जिससे क्षेत्र में कानून का राज स्थापित हो सके और अवैध गतिविधियों पर पूर्णतः रोक लगाई जा सके।