जैतपुर में गैस की किल्लत से हाहाकार: घंटों लाइन में खड़े रहे ग्रामीण, मिश्रा गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप
जैतपुर (शहडोल)।
नगर जैतपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। गैस सिलेंडर लेने के लिए ग्रामीणों को घंटों तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, बावजूद इसके कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस पूरे मामले में मिश्रा गैस एजेंसी पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि एजेंसी में सिलेंडर की आपूर्ति पर्याप्त नहीं है, जबकि कुछ लोगों को मनमाने तरीके से अधिक दाम लेकर सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर गैस सिलेंडर बेचे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
स्थिति उस समय और भी गंभीर हो गई जब कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि उन्हें गैस सिलेंडर लेना है तो साथ में पाइप और रेगुलेटर भी अनिवार्य रूप से खरीदने के लिए दबाव बनाया जाता है। यह प्रथा उपभोक्ता नियमों के खिलाफ मानी जाती है, फिर भी एजेंसी द्वारा कथित रूप से इसे लागू किया जा रहा है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने केवल सिलेंडर लेने की बात कही, लेकिन उन्हें साफ मना कर दिया गया।
मामले में यह भी सामने आया है कि इससे पहले भी मिश्रा गैस एजेंसी पर कई आरोप लग चुके हैं। खासकर उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों से अतिरिक्त वसूली को लेकर शिकायतें पहले भी उठ चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब परिवारों को मिलने वाली इस योजना का लाभ एजेंसी द्वारा सही तरीके से नहीं दिया जा रहा है और उनसे अनुचित शुल्क लिया जाता है।
गांव के एक बुजुर्ग उपभोक्ता ने बताया कि “हम सुबह से लाइन में लगे हैं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया। कुछ लोग सीधे अंदर जाकर सिलेंडर ले रहे हैं, जबकि हम जैसे गरीब लोग इंतजार कर रहे हैं।” वहीं, एक महिला उपभोक्ता ने कहा कि “हमें जबरदस्ती पाइप और रेगुलेटर लेने को कहा गया, जबकि हमारे पास पहले से सब कुछ है।”
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर जांच होती और शिकायतों पर कार्रवाई की जाती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। ग्रामीणों ने कलेक्टर और संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा, उपभोक्ताओं ने यह भी मांग की है कि गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि हर जरूरतमंद को समय पर और उचित मूल्य पर गैस सिलेंडर मिल सके। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या मिश्रा गैस एजेंसी पर लग रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर आम जनता को राहत दिलाई जाती है या नहीं।

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