Updated On: 08 Oct, 2025

NDA में सीट बंटवारे को लेकर बढ़ा तनाव, बीजेपी के लिए नई चुनौती

Bihar Elections: चुनाव नहीं लड़ेंगे मांझी? सीटों को लेकर बीजेपी के सामने रख दी ये शर्त
HAM पार्टी के प्रमुख जीतनराम मांझी ने सीटों को लेकर बीजेपी के सामने शर्त रख दी है. उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी को 15 सीटें नहीं दी गई तो वो चुनाव नहीं लड़ेगी. मांझी ने कहा कि मैंने हर समय एनडीए का साथ दिया. ऐसे में एनडीए का फर्ज बनता है कि हमें अपमानित महसूस ना कराए.
Bihar Elections: चुनाव नहीं लड़ेंगे मांझी? सीटों को लेकर बीजेपी के सामने रख दी ये शर्त
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सीट बंटवारे को लेकर NDA में रार मची है. एक ओर जहां चिराग पासवान अपनी मांग मंगवाने पर अड़े हैं तो वहीं हम पार्टी के प्रमुख जीतनराम मांझी भी बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ा रहे हैं. मांझी ने साफतौर पर कह दिया है कि अगर उनकी पार्टी को 15 सीटें नहीं मिलीं तो वो चुनाव नहीं लड़ेगी.
जीतनराम मांझी ने कहा कि मैं अपमानित महसूस कर रहा हूं. हम अपने आपको अपमानित महसूस कर रहे हैं. हमारे लोगों को मतदाता सूची नहीं मिली है. हमें नहीं बुलाया गया है. ये अपमान का घूंट कितने दिन सहेंगे.
बिहार चुनाव में मांझी का बड़ा बयान: "15 सीटें नहीं मिलीं तो नहीं लड़ेंगे चुनाव"
NDA में सीट बंटवारे को लेकर बढ़ा तनाव, बीजेपी के लिए नई चुनौती
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के भीतर सीटों को लेकर खींचतान तेज हो गई है। अब हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने बीजेपी के सामने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कह दिया है कि अगर उनकी पार्टी को 15 सीटें नहीं दी गईं, तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। मांझी के इस बयान ने बिहार एनडीए की अंदरूनी रणनीति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
जीतनराम मांझी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैंने हमेशा एनडीए का साथ दिया है, लेकिन अब हमें अपमानित महसूस कराया जा रहा है। हमारे कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची तक नहीं मिली है और हमें किसी मीटिंग में नहीं बुलाया जा रहा। आखिर हम कब तक यह अपमान सहते रहेंगे?”
मांझी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) भी सीटों को लेकर अपनी मांगों पर अड़ी हुई है। ऐसे में बीजेपी के सामने अब दो सहयोगी दलों को साधने की चुनौती खड़ी हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर मांझी और चिराग दोनों नाराज हुए तो एनडीए की चुनावी रणनीति पर इसका असर पड़ सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन अंदरखाने बातचीत जारी है। पार्टी कोशिश कर रही है कि सीट बंटवारे को लेकर सभी सहयोगियों के बीच सहमति बन सके।
गौरतलब है कि जीतनराम मांझी की पार्टी का प्रभाव गया, औरंगाबाद, जहानाबाद जैसे कई जिलों में देखा जाता है। ऐसे में अगर वह चुनावी मैदान से दूर रहते हैं तो एनडीए को इन सीटों पर नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब देखना होगा कि बीजेपी मांझी की इस शर्त को मानती है या नहीं।