Updated On: 09 Oct, 2025

नोबेल शांति पुरस्कार की दौड़ में ट्रंप! खुद को बताया 'शांति का राष्ट्रपति', अमेरिका में मचा राजनीतिक हलचल

नोबेल पुरस्कार 2025 के ऐलान का सिलसिला जारी है। चिकित्सा, भौतिकी और रसायन विज्ञान के विजेताओं की घोषणा के बाद अब सबकी निगाहें नोबेल शांति पुरस्कार पर टिकी हैं। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को इस प्रतिष्ठित सम्मान की दौड़ में शामिल बताते हुए नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।

गुरुवार को व्हाइट हाउस के आधिकारिक अकाउंट से एक तस्वीर पोस्ट की गई, जिसमें ट्रंप को “President of Peace (शांति का राष्ट्रपति)” बताया गया। यह पोस्ट आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। समर्थकों ने इसे ट्रंप की उपलब्धियों का सम्मान बताया, जबकि विपक्ष ने इसे आत्मप्रचार की चाल करार दिया।

पहले भी जताई थी इच्छा

ट्रंप की नोबेल शांति पुरस्कार पाने की चाह नई नहीं है। वर्जीनिया के क्वांटिको मिलिट्री बेस में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने खुलकर कहा था —

“अगर मुझे नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया गया, तो यह अमेरिका का अपमान होगा।”

उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा था कि “शायद नोबेल कमेटी मुझे पुरस्कार न देने का कोई बहाना ढूंढ ले।”
ट्रंप इससे पहले भी कई मौकों पर खुद को “दुनिया में शांति लाने वाला नेता” बता चुके हैं।

7 युद्ध रोकने का दावा

ट्रंप के दावे के अनुसार, अपने कार्यकाल में उन्होंने 7 अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय युद्धों को रुकवाया था। उन्होंने न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में कहा था कि उनके प्रयासों से भारत-पाकिस्तान, कोसोवो-सर्बिया, कांगो-रवांडा, मिस्र-इथियोपिया, कंबोडिया-थाईलैंड, इजरायल-ईरान और आर्मेनिया-अजरबैजान जैसे देशों के बीच संभावित संघर्ष टले।

हालांकि, भारत ने ट्रंप के “भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने” के दावे से हमेशा इंकार किया है।
ट्रंप इन दिनों रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने की संभावनाओं पर भी काम करने का दावा कर रहे हैं।

जैसे-जैसे शुक्रवार नजदीक आ रहा है, दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नोबेल शांति पुरस्कार 2025 सचमुच उस नेता के हाथों जाएगा जिसने खुद को “शांति का राष्ट्रपति” घोषित किया है — या फिर यह सिर्फ एक और ट्रंप-स्टाइल बयान बनकर रह जाएगा।